Category: Poems

घड़ी की सुई

मेरा नाम पावनी है। घड़ी देख रहे हैं आप दीवार पर, ये मैं हूं, जैसे घड़ी की सुई की तरह मैं भी भाग रही हूं। बस मैं कभी घंटे और मिनट की सुई बन जाती हूं। कोई ख़ुशी नहीं बस घड़ी सा टिक- टिक…

मंजिल की चाह

Hindi poems

गिद्ध और लोमड़ी

गिद्ध, भेड़िए और लोमड़ीसब बैठें हैं, ताक में कौन पहले हाथ मरेगा लाशों के अंबार में। कौन बचाए मुर्दों कोभूखों का खाना बनने से,लोमड़ी जैसी आखों से,जंगली चोचों और पंजो से। थोड़े बचे हुए,झांक रहे दरारों सेलूटी उम्मीद, बुझे चेहरेचीख रहे अंधियारों से। गिद्ध,…

Stars

love of life

आखर

आखर आखर, मिलकर शब्द बने, शब्द से वाक्य बने, जब आखर अखरे, जब शब्द बिखरे, तब वाक्य, विष बुझे बाण बने, क्या लिखूं, फैला विष जब, देह में, रहा ना अछूता, कोई अंग, हृदय था कोमल, निर्मल सा, जला विष से , हुआ बदरंग,…

धरती का मानव

छान रहा, सारा ब्रह्मांड, यह धरती का मानव, ले जीवन की अभिलाषा, तोड़ धरती का विश्वास, रहा चिंघाड़ खुले अंतरिक्ष में, यह धरती का मानव, भेद दिए सारे ग्रह, जीवन-तत्वों की आस, जल,वायु, मिट्टी, गगन और धरती जैसा प्रकाश, खोजे विज्ञान, भेज कर यान,…

नामालूम सी बात

बात थी नामालूम सी, कहीं दिल में दबी थी,मेरे बचपन से जवानी तक, गली के नुक्कड़ खड़ी थी, बात थी नामालूम सी, कहीं दिल में दबी थी,अलविदा ओ शहर, चले दूर अपने और परायों से, बस वही , हर मोड़ पर मिली थी, बात…

नारी

नारी होती महतारी हम सब उसके आभारी महिमा नारी की निराली, अतुलनीय है नारी, सम्मान नारी है, उपमान नारी है, नारी जीवन की संभारी, यह है नारी की वाणी नारी,जिस पर घर समाज सबके सम्मान की जिम्मेदारी, घर काज, बच्चे और अतिथि, सब पर…

उड़ान का अरमान

यूँ ही अरमान निकला….. आज हवाओ में, तैरकर, उड जाऊ परिंदों सा, पंख फैला कर, यूँ ही अरमान निकला…. पार कर जाऊ बन्दिशे सारी, सुनूं न किसी की, उड़ान भर लूँ बस. यूँ ही अरमान निकला….. कुछ और भी अरमान होंगे , तैरते हुये,…

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