Tag: monolouge

घड़ी की सुई

मेरा नाम पावनी है। घड़ी देख रहे हैं आप दीवार पर, ये मैं हूं, जैसे घड़ी की सुई की तरह मैं भी भाग रही हूं। बस मैं कभी घंटे और मिनट की सुई बन जाती हूं। कोई ख़ुशी नहीं बस घड़ी सा टिक- टिक… Continue Reading “घड़ी की सुई”

%d bloggers like this: